अपना हिन्दुस्तान है भैया अपना हिन्दुस्तान
जेब में फूटी कौड़ी नहीं पर
चेहरे पर मुस्कान है
ये अपना हिन्दुस्तान है भैया अपना हिन्दुस्तान
पूरब जाओ पश्चिम जाओ
उत्तर जाओ दक्षिण जाओ
जहां भी जाओ तुम्हें मिलेगा
सड़कों पर नौजवान है
ये अपना हिन्दुस्तान है भैया अपना हिन्दुस्तान
मंचों से जो ख़्वाब दिखाता ऊँची जुबां में
कौन है
देश के धन को जेब में रख कर उड़ जाता वो
कौन है
भूखे- नंगे हालत में भी देश अपना महान है
ये अपना हिन्दुस्तान है भैया अपना हिन्दुस्तान
फसल कटाई कर जब लौटा
चेहरे पर मुस्कान थी
अबकी उपज अच्छी हुई
दानों में चमक थी, जान थी
पर जब आया व्यापारी
कौड़ी में बिका अभिमान है
ये अपना हिन्दुस्तान है भैया अपना हिन्दुस्तान।
