तुम पर खर्च होना चाहता हूँ
![]() |
| Anand pravin |
मैं तुम पर खर्च होना चाहता हूँ
मेरा सबकुछ तुम पर लुटाना चाहता हूँ।
मेरी दुनिया तुम्हारे नाम से है
तुम्हारे साथ अपनी एक नई दुनिया बसाना चाहता हूँ।
मेरे पुर्जे तुम्हारी चाह में कब से हैं प्यासे
प्यासी रूह को तुमसे भींगाना चाहता हूँ।
मेरी कलाई पर घड़ी की पाबंदी नहीं
मेरा हर एक क्षण तुम पर लुटाना चाहता हूँ।
मेरी सांसों में तुम्हारे जिस्म की खुशबू मिली है
तुम्हारी रूह में मैं अपना घर बनाना चाहता हूँ।
